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चाहुलीची तुझ्या चमक... |
वैभव देशमुख |
14 February 2011 |
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दिसे दिसायास... |
वैभव देशमुख |
22 January 2011 |
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कधी कधी |
केदार पाटणकर |
25 February 2011 |
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मोग-याचा पसारा.....(गझल) |
supriya.jadhav7 |
22 January 2011 |
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अबोली !!! |
supriya.jadhav7 |
16 November 2010 |
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य़ा जगण्याचे... |
आनंदयात्री |
15 April 2011 |
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जन्मभर.... |
supriya.jadhav7 |
15 July 2011 |
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जराजरासा !!! |
supriya.jadhav7 |
24 January 2011 |
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बोलण्याने बोलणे वाढेल आता |
चित्तरंजन भट |
17 June 2007 |
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हे फुलांचे उधान झाडांना... |
वैभव देशमुख |
16 August 2011 |
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आवश्यक ! |
ज्ञानेश. |
13 May 2011 |
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हमी |
आनंदयात्री |
17 March 2012 |
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रुढी परंपरेचा का बांधलास शेला? |
विद्यानंद हाडके |
6 March 2011 |
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अनुमान! |
प्रदीप कुलकर्णी |
1 December 2011 |
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अदृश्यच असतो क्रूस कधी |
चित्तरंजन भट |
21 December 2010 |
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येत नाही मी |
अनिल रत्नाकर |
12 October 2011 |
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मी तुझा,तुझा असेन आमरण |
कैलास |
21 July 2011 |
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...व्यवसाय मी |
अनिल रत्नाकर |
9 October 2011 |
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किनारा गाठण्यासाठी |
बेफिकीर |
9 October 2009 |
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असंभव |
आनंदयात्री |
28 September 2011 |
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कुठे लुप्त झाले फुले-भीम-बापू? |
गंगाधर मुटे |
21 April 2011 |
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बत्तीस तारखेला |
गंगाधर मुटे |
21 September 2011 |
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भिंती !! |
supriya.jadhav7 |
18 May 2011 |
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हुंदका ओठातला पोटात नाही |
supriya.jadhav7 |
9 September 2011 |
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अस्तित्व दान केले |
गंगाधर मुटे |
6 September 2011 |