तुरुंगासारखे आयुष्य माझे...
करू मी, हाय, पोबारा कितीदा !
नवे गझललेखन
| शीर्षक | कवी | प्रकाशनाची तारीख |
|---|---|---|
| आयुष्यात रचेन एक कविता | बेफिकीर | 15 मार्च 2010 |
| चमकण्याचे अचानक कारण येते... | अजय अनंत जोशी | 16 मार्च 2010 |
| जात आहे मार्ग टाळूनी तुला | अजय अनंत जोशी | 1 फेब्रुवारी 2010 |
| जशा कैक होत्या व्यथा गोंदलेल्या | श्यामली | 11 मार्च 2010 |
| रांगले होते | अनिल रत्नाकर | 15 मार्च 2010 |
| ऋतुंची ऐकली कुजबूज मी | बेफिकीर | 15 मार्च 2010 |
| बोलणे माझे ... | अजय अनंत जोशी | 12 मार्च 2010 |
| रिताच पेला | अभिषेक दीपक कासोदे | 15 मार्च 2010 |
| करा साजरे वनवास काही .... | गिरीश कुलकर्णी | 15 मार्च 2010 |
| तुझ्याविना हे शहर तुझे | वैभव जोशी | 4 ऑगस्ट 2009 |
| ..... पुन्हा पुन्हा ! | जयश्री अंबासकर | 11 मार्च 2010 |
| कवी | ऋत्विक फाटक | 13 मार्च 2010 |
| संताप | काव्यरसिक | 5 मार्च 2010 |
| भेटत राहू | केदार पाटणकर | 9 मार्च 2010 |
| भक्तीविभोर....!! | गंगाधर मुटे | 10 मार्च 2010 |
| गप्प नसती लोक काही नेमके पाहूनही | सोनाली जोशी | 12 मार्च 2010 |
| मी मिटून डोळे कविता जागत असतो | चित्तरंजन भट | 10 सप्टेंबर 2009 |
| अढी कपाळावरील जेव्हा मनात गेली.. | ज्ञानेश. | 15 जून 2009 |
| कधी र्हस्व माझाच मी दीर्घतो | अजय अनंत जोशी | 23 फेब्रुवारी 2010 |
| रस्ता भरलेला असतो अन गर्दी साचत असते | सोनाली जोशी | 26 फेब्रुवारी 2010 |
| हात माझे फुलांनी ही पोळले होते..... | खलिश | 10 मार्च 2010 |
| मी क्धी ना अड्वले | अनिल रत्नाकर | 11 मार्च 2010 |
| खुशाली | आनंदयात्री | 1 मार्च 2010 |
| मॄत्यू अर्धविरामावस्था | अनंत ढवळे | 28 फेब्रुवारी 2010 |
| काही वेळा..... | बेफिकीर | 8 मार्च 2010 |