नवे गझललेखन
| शीर्षक | कवी | प्रकाशनाची तारीख |
|---|---|---|
| ..आता नको ! | प्रदीप कुलकर्णी | 13 August 2007 |
| भान माझे... (अजब) | अजब | 15 August 2007 |
| कसे जगावे...? | संतोष कुलकर्णी | 14 August 2007 |
| वेळी अवेळी | जयन्ता५२ | 6 August 2007 |
| दाखला | जयन्ता५२ | 26 July 2007 |
| आजही अप्रूप वाटे | संतोष कुलकर्णी | 6 August 2007 |
| मंतरलेल्या सायंकाळी | संतोष कुलकर्णी | 6 August 2007 |
| ...कोण मी तुझा ? | प्रदीप कुलकर्णी | 30 July 2007 |
| ...दिवेलागणीच्या वेळी ! | प्रदीप कुलकर्णी | 15 July 2007 |
| घावामागून घाव घातले त्याबद्दल आभार.. | मानस६ | 7 August 2007 |
| ...नाही आज सुचत काही ! | प्रदीप कुलकर्णी | 21 July 2007 |
| भयंकर | संतोष कुलकर्णी | 30 June 2007 |
| जगणे असते... (अजब) | अजब | 7 July 2007 |
| आत्मसात | कुमार जावडेकर | 20 July 2007 |
| बोलताना तोल गेला... | मानस६ | 17 July 2007 |
| कंठशोष | पुलस्ति | 11 July 2007 |
| साळसूद | पुलस्ति | 18 July 2007 |
| ...सारेच विसरू दे मला ! | प्रदीप कुलकर्णी | 30 June 2007 |
| का? | जयन्ता५२ | 2 July 2007 |
| जगण्याला काय हवे..? | मानस६ | 8 July 2007 |
| फार मी कुठे... | संतोष कुलकर्णी | 30 June 2007 |
| कळेना | पुलस्ति | 10 July 2007 |
| लोक | संतोष कुलकर्णी | 30 June 2007 |
| ..पुन्हा सांग ना! | मानस६ | 28 June 2007 |
| निराधार | सोनाली जोशी | 20 June 2007 |