नवे गझललेखन
| शीर्षक | कवी | प्रकाशनाची तारीख |
|---|---|---|
| शब्द ठेचाळतो... | प्रदीप कुलकर्णी | 19 March 2008 |
| आपण दोघे | रुपेश देशमुख | 10 February 2008 |
| "खेळी" | निलेश | 18 March 2008 |
| मी फुलांची रास झालो | मानस६ | 16 March 2008 |
| हे शहरच आता दिसते... | मधुघट | 9 March 2008 |
| जगणे म्हणजे अवघड चळवळ | श्रीकांत वाघ | 8 March 2008 |
| एकपात्री | दशरथ दोरके | 2 March 2008 |
| अंतरास जाळते व्यथा | स्नेहदर्शन | 23 February 2008 |
| तरी हात हाती हवासा तुझा... | अमित वाघ | 14 February 2008 |
| परिस्थितीच्या उन्हात... | जनार्दन केशव म्... | 6 February 2008 |
| मारवाही शेवटी... | जनार्दन केशव म्... | 8 February 2008 |
| नवा चंद्र | शिवाजी जवरे | 10 December 2007 |
| शोधताना मी सुखाला... | राजगुडे | 29 January 2008 |
| काटाकाटी श्वासांचीही.. | संतोष कुलकर्णी | 3 February 2008 |
| मला ठावुक की... | जनार्दन केशव म्... | 4 February 2008 |
| ठेवला दडपून ज्यांनी... | गौरवकुमार आठवले | 16 December 2007 |
| अखाडा | धोंडोपंत | 9 December 2007 |
| अभिप्रेत : अमोल शिरसाट | अमोल शिरसाट | 16 January 2008 |
| खरेच राणी... | जनार्दन केशव म्... | 31 January 2008 |
| आसवे....अमित वाघ. | अमित वाघ | 18 January 2008 |
| झुलवा | पुलस्ति | 17 January 2008 |
| ऋतू कोणता | दिलीप पांढरपट्टे | 23 January 2008 |
| इथे कुणाला संग हवा? | योगेश वैद्य | 25 January 2008 |
| ...मी आहे तिथे ! | प्रदीप कुलकर्णी | 14 April 2007 |
| भेटण्याचे राहिले | स्नेहदर्शन | 12 January 2008 |