नवे लेखन
| प्रकार | शीर्षक |
|---|---|
| सुरेश भटांची कविता | लाभले अम्हास भाग्य बोलतो मराठी |
| सुरेश भटांची गझल | ते लोक होते वेगळे, घाईत जे गेले पुढे.. |
| सुरेश भटांची गझल | सुरेश भटांचे सूक्ष्म शेर |
दिले प्रत्येक वस्तीला अम्ही आकाश सोनेरी
जिथे जातो तिथे हाका उषेच्या वाटतो आम्ही
| प्रकार | शीर्षक |
|---|---|
| सुरेश भटांची कविता | लाभले अम्हास भाग्य बोलतो मराठी |
| सुरेश भटांची गझल | ते लोक होते वेगळे, घाईत जे गेले पुढे.. |
| सुरेश भटांची गझल | सुरेश भटांचे सूक्ष्म शेर |