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गझल |
दिशा गातात ह्या जेव्हा ... |
वैभव जोशी |
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गझल |
माकडे ही |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
लढाई |
अभिषेक उदावंत |
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गझल |
आल्या सजून राती.... |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
कहाणी |
सुनेत्रा सुभाष |
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गझल |
. . . जशी तू |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
तुझे हेच डोळे... |
Rajdeep_Fool |
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गझल |
त्या कळीची रानवेड्या पाखराशी भेट झाली |
सोनाली जोशी |
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गझल |
गुन्हे |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
डोळे |
मयूर |
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गझल |
किती? |
केदार पाटणकर |
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गझल |
हे शहर माझी व्यथा सांभाळते |
प्रसन्न शेंबेकर |
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गझल |
बोलणी - सुरेश भट |
यादगार |
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गझल |
पाय ओढायला जडतात ती! |
ह बा |
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गझल |
एक कविता |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
काय देईल गारवा रस्ता |
बेफिकीर |
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गझल |
आज का? |
क्रान्ति |
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गझल |
मुलगी |
बापू दासरी |
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गझल |
अजरामर.... |
निरज कुलकर्णी |
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गझल |
तू जरा समजून घे |
प्रज्ञा महाजन |
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गझल |
..पुन्हा सांग ना! |
मानस६ |
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गझल |
चालतो ऐसा जणू .... |
ह बा |
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गझल |
चाललो निघून मी |
केदार पाटणकर |
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गझल |
भेटतो जरी अता नेहमी हसून पण |
शाम |
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गझल |
रद्दी |
योगेश जोशी |