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गझल |
निघाले अर्थ नाही ते तुझ्या वाटेत येण्याचे |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
आजच्या आज |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
सिग्नल |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
मी मोरपीस व्हावे - |
विदेश |
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गझल |
शिखर त्यांनी गाठलेले - |
विदेश |
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गझल |
गझल-" म्हणून जगणे आले"- |
विदेश |
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गझल |
मैफील आज जमली - |
विदेश |
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गझल |
गात येथे तू उगा का थांबलेला |
विदेश |
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गझल |
सारे वसंत... |
विद्यानंद हाडके |
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गझल |
कसा मी करावा खुलासा मनाचा... |
विद्यानंद हाडके |
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गझल |
रुढी परंपरेचा का बांधलास शेला? |
विद्यानंद हाडके |
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गझल |
प्रीती सखे मलाही का परवडू नये...? |
विशाल कुलकर्णी |
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गझल |
थांबणे सोसेल तोवर लागते चालायला... |
विशाल कुलकर्णी |
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गझल |
............. अजून काही |
विशाल कुलकर्णी |
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गझल |
माळले गजरे तयांनी वाळलेले...! |
विशाल कुलकर्णी |
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विजा घेऊन- १ |
विश्वस्त |
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Photo |
कविवर्य सुरेश भट देवकी पंडित ह्यांच्यासोबत बोलताना |
विश्वस्त |
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काही वेळा... |
विश्वस्त |
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व्यंगचित्र |
विश्वस्त |
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गझल |
[सुरेशभट] चाचणी |
विश्वस्त |
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कैफियत -४ |
विश्वस्त |
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तोडले संबंध इतके जाहले |
विश्वस्त |
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मार्गदर्शन |
विश्वस्त |
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विश्वस्त |
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ठक! |
विश्वस्त |