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गझल |
मान्यवरांची गझल-डॉ. संतोष कुलकर्णी |
मीर क्षीरसागर |
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गझल |
घराणी |
ऋत्विक फाटक |
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गझल |
मनात आले |
मनीषा साधू |
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गझल |
अस्पर्श स्वप्ने |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
रात्रभर |
पुलस्ति |
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गझल |
आपले म्हणून जा..कधीतरी |
मानस६ |
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गझल |
एकटा सागरकिनारा एकटा |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
वनवास : डॉ.श्रीकृष्ण राऊत |
डॉ. श्रीकृष्ण राऊत |
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गझल |
का मी आज पुन्हा उगीच बसलो मांडून ही खेळणी? |
प्रणव सदाशिव काळे |
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गझल |
तू कधी ही न रागावली पाहिजे |
कैलास |
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गझल |
आहे हयात अजुनी |
भूषण कटककर |
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गझल |
जगण्याचे मातेरे होते... |
वैभव देशमुख |
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गझल |
गजल |
कल्पना शिन्दे |
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गझल |
वजाबाक्या |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
वेदना |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
दुष्काळ.... |
चांदणी लाड. |
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गझल |
तुझ्याविना हे शहर तुझे |
वैभव जोशी |
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गझल |
...पुढे मी गेलो ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
सुखाच्या सर्व व्याख्यांना जरा बदलून पाहू या! |
बहर |
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गझल |
आपले नाते |
बेफिकीर |
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गझल |
पारिजात |
अमित वाघ |
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गझल |
शेवटाला चार नाही(त) !!! |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
सांग ना |
मनीषा साधू |
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गझल |
पादुका |
मिल्या |
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गझल |
बांधुन मी... |
जनार्दन केशव म्... |