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गझल |
गजल |
कल्पना शिन्दे |
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गझल |
वजाबाक्या |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
वेदना |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
दुष्काळ.... |
चांदणी लाड. |
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गझल |
तुझ्याविना हे शहर तुझे |
वैभव जोशी |
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गझल |
...पुढे मी गेलो ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
सुखाच्या सर्व व्याख्यांना जरा बदलून पाहू या! |
बहर |
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गझल |
आपले नाते |
बेफिकीर |
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गझल |
पारिजात |
अमित वाघ |
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गझल |
शेवटाला चार नाही(त) !!! |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
सांग ना |
मनीषा साधू |
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गझल |
पादुका |
मिल्या |
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गझल |
बांधुन मी... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
घोटाळा (हझल) |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
अनेक वर्षे जमीन उजाड पडून आहे |
सोनाली जोशी |
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गझल |
...जिथल्या तिथेच सारे ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
इथे माझा ॠतू आहे इथे राहू नका कोणी... |
मयुरेश साने |
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गझल |
जाच |
मधुघट |
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गझल |
भेटत राहू |
केदार पाटणकर |
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गझल |
तुला समजलो ,कुठे समजली तुझी सहजता |
अनंत ढवळे |
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गझल |
...व्यवसाय मी |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
बिलगून रात्र गेली. |
चांदणी लाड. |
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गझल |
गझल |
मिलिंद फणसे |
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गझल |
असा कसा मोहरून गेलो.... |
कैलास |
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गझल |
आयुष्याचे रोप |
सोनाली जोशी |