|
गझल |
मनात येता विचार त्याचा उदास होते हसले तरी |
सोनाली जोशी |
|
गझल |
एकांत माझा |
चांदणी लाड. |
|
गझल |
आकांत |
क्रान्ति |
|
गझल |
निघाल्या गवळणी पाण्याला.... |
निलेश |
|
गझल |
उ:शाप |
क्रान्ति |
|
गझल |
तु |
इलोवेमे |
|
गझल |
आज का? |
क्रान्ति |
|
गझल |
मोगरा |
इलोवेमे |
|
गझल |
चार ओळी |
ज्ञानेश. |
|
गझल |
रात आहे |
अनिकेत |
|
गझल |
शब्दाना अडवीत गेले. |
नीता |
|
गझल |
उभा ज् न्म गेला |
इलोवेमे |
|
गझल |
प्रश्न..... |
शांत्सुत |
|
गझल |
तेच दिवस |
इलोवेमे |
|
गझल |
असत॑ ना कोनि कोनाचे |
इलोवेमे |
|
गझल |
खेळ ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
|
गझल |
भाव |
क्रान्ति |
|
गझल |
मैफल |
क्रान्ति |
|
गझल |
अंदाज : डॉ. श्रीकृष्ण राऊत |
डॉ. श्रीकृष्ण राऊत |
|
गझल |
रे जीवना... |
निलेश |
|
गझल |
कविता |
पुलस्ति |
|
गझल |
आई ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
|
गझल |
धाड.... |
कर असतो तर... |
|
गझल |
"वेदना" |
प्रज्ञा महाजन |
|
गझल |
पारखी |
क्रान्ति |