नवे लेखन
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प्रकार |
शीर्षक | लेखक | प्रतिसाद |
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| गझल | मारवाही शेवटी... | जनार्दन केशव म्... | 6 |
| गझल | सोयरा | क्रान्ति | 7 |
| गझल | कधीच नाही | जयश्री अंबासकर | 13 |
| गझल | आरसा | जयन्ता५२ | 6 |
| गझल | गात येथे तू उगा का थांबलेला | विदेश | |
| गझल | .....बरे दिसत नाही...! | प्रदीप कुलकर्णी | 1 |
| गझल | मी कधी माझ्यात ही असणार नाही | स्नेहदर्शन | 1 |