नवे लेखन
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प्रकार |
शीर्षक | लेखक | प्रतिसाद |
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| गझल | शब्दाना अडवीत गेले. | नीता | 8 |
| गझल | पाखरे खाऊन गेली चाळलेल्या वेदना | ह बा | 22 |
| गझल | घृणा... ! | प्रदीप कुलकर्णी | 7 |
| गझल | स्त्री समीप येते ... | अजय अनंत जोशी | |
| गझल | तेच दिवस | इलोवेमे | |
| गझल | अपघात काय घडला? | ह बा | 19 |
| गझल | ...जन्म चकव्यासारखा ! | प्रदीप कुलकर्णी | 11 |