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गझल |
माझी आई |
ह बा |
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गझल |
तुझ्यास्तव..... |
ह्रषिकेश चुरी |
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गझल |
ऎकले आहे तुला ती साथ देते |
जयदीप |
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गझल |
भाव |
क्रान्ति |
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गझल |
दिशा पहाटल्यात |
भूषण कटककर |
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गझल |
मंत्र |
प्रशान्त वेलापुरे |
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गझल |
तू ..... |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
भणंग २ |
चमत्कारी |
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गझल |
वर्षे झाली |
योगेश वैद्य |
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गझल |
मी एकटाच येथे माझ्या जगात आहे |
मी अभिजीत |
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गझल |
हॉटेल पॅराडाइज, पुणे. दि. १९.०१.०९ रात्री ११.३० |
भूषण कटककर |
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गझल |
लाजच काढली |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
वाटले बरे किती! |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
आवश्यक ! |
ज्ञानेश. |
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गझल |
कसा आज अंधारही सोसवेना |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
केवढे चालणे हे मजल दरमजल..... |
बेफिकीर |
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गझल |
नीट वाच...! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
वेडा |
व्योम |
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गझल |
हेच असावे सत्य... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
...मारव्याचे सूर काही ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
मागे जयजयकार चालला आहे |
बाळ पाटील |
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गझल |
तु जाता |
इलोवेमे |
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गझल |
उद्दाम |
पुलस्ति |
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गझल |
ती काळजीत असते... |
ह बा |
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गझल |
...लुप्त |
ज्ञानेश. |