|
गझल |
शब्द होते, तरी.. |
ज्ञानेश. |
|
गझल |
लगान एकदा तरी..... (हझल?) |
गंगाधर मुटे |
|
गझल |
सफाई पाहिजे अजुनी |
भूषण कटककर |
|
गझल |
वारुळे |
अनिल रत्नाकर |
|
गझल |
उ:शाप |
स्वामीजी |
|
गझल |
मी तुझा,तुझा असेन आमरण |
कैलास |
|
गझल |
भेट एकदा |
अगस्ती |
|
गझल |
निकष |
प्रल्हाद देशपान्डे |
|
गझल |
गलबत कुठे निघाले |
केदार पाटणकर |
|
गझल |
अशी गोड तू... |
निरज कुलकर्णी |
|
गझल |
न्यास |
क्रान्ति |
|
गझल |
ठेच |
योगेश वैद्य |
|
गझल |
वेग माझ्या पालखीचा मंद होता.. |
मानस६ |
|
गझल |
जाहला बराच वेळ... |
ज्ञानेश. |
|
गझल |
हे जीवना तुझी टपरी चालते मला |
बेफिकीर |
|
गझल |
सांगती खोटे जरी |
rind |
|
गझल |
जराजरासा !!! |
supriya.jadhav7 |
|
गझल |
मला बोलायचे असते |
गौतमी |
|
गझल |
भावस्थंडिल |
सारंग भणगे |
|
गझल |
तुझ्यामुळे... |
मधुघट |
|
गझल |
चिडता का हो ? |
निशिकांत दे |
|
गझल |
येतात सोबती हे.. |
मधुघट |
|
गझल |
रांगले होते |
अनिल रत्नाकर |
|
गझल |
नार ही...! |
प्रदीप कुलकर्णी |
|
गझल |
सांग कोठे माणसा आहेस तू |
चित्तरंजन भट |