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गझल |
लागला गळपफास तेव्हा तरतरी श्वासात आली! |
सतीश देवपूरकर |
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गझल |
थाबं ! |
श्रीकान्त |
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गझल |
'चुकलो' म्हणेन मी तर सोकावतील सारे |
चक्रपाणि |
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गझल |
सांग कसे ते कण्हतानाही गात असावे... |
जयदीप |
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गझल |
असत॑ ना कोनि कोनाचे |
इलोवेमे |
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गझल |
होतीस तू |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
हळवा नकार - सौ. स्मिता दोडमिसे यांची गझल! |
भूषण कटककर |
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गझल |
शिक्षा |
क्रान्ति |
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गझल |
टोचले होते.. |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
छडा लागला रे |
सुरेश शिरोडकर |
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गझल |
अहं ब्रह्मास्मि |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
----पुन्हा का---- |
नेहा |
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गझल |
कसे मानू तुला माझा... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
अबोला गाजला होता |
मयुरेश साने |
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गझल |
दारू - प्रसाद कुलकर्णी |
मीर क्षीरसागर |
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गझल |
शब्द होते, तरी.. |
ज्ञानेश. |
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गझल |
लगान एकदा तरी..... (हझल?) |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
सफाई पाहिजे अजुनी |
भूषण कटककर |
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गझल |
वारुळे |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
उ:शाप |
स्वामीजी |
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गझल |
मी तुझा,तुझा असेन आमरण |
कैलास |
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गझल |
भेट एकदा |
अगस्ती |
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गझल |
निकष |
प्रल्हाद देशपान्डे |
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गझल |
गलबत कुठे निघाले |
केदार पाटणकर |
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गझल |
कुणी माझ्यासवे यावे |
अजय अनंत जोशी |