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गझल |
..अभंग |
ज्ञानेश. |
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गझल |
पुन्हा सत्य स्वप्नांस तुडवून गेले |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
आवे |
बापू दासरी |
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गझल |
चोर |
कैलास |
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गझल |
आताशा तो जरा निराळे वागत असतो |
सोनाली जोशी |
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गझल |
दु:ख माझे सोबती ! |
प्रशान्त वेळापुरे |
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गझल |
शब्द बेहोश कर.. |
सुशांत खुरसाले. |
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गझल |
गझल : रात्र सारी चांदण्याने दु:खः माझे पाहिले - पु नः संपादित |
खलिश |
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गझल |
व्यर्थ |
आभाळ |
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गझल |
तुकारामा उगा तू काढली पाण्यातुनी गाथा |
ह बा |
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गझल |
फुलासारखी... |
ज्ञानेश. |
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गझल |
स्वीकार आशयाची |
भूषण कटककर |
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गझल |
जगणे असते... (अजब) |
अजब |
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गझल |
तिथे ये पहाटे... |
ह बा |
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गझल |
वाच पुस्तके! |
अविनाश ओगले |
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गझल |
योग नाही! |
क्रान्ति |
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गझल |
नेहमीचेच सारे |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
कुणाकुणावर अजूनही तो प्रभाव होता |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मी जिथे नाही अशी जागाच नाही |
बेफिकीर |
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गझल |
...वेड पांघरावे मी ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
खुशाली |
आनंदयात्री |
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गझल |
''सरावाने'' |
कैलास |
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गझल |
गझल - अनंत ढवळे |
अनंत ढवळे |
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गझल |
आयुष्य |
पुलस्ति |
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गझल |
जे जगतो ते लिहिणारा |
विजय दि. पाटील |