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गझल |
आताशा तो जरा निराळे वागत असतो |
सोनाली जोशी |
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गझल |
दु:ख माझे सोबती ! |
प्रशान्त वेळापुरे |
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गझल |
शब्द बेहोश कर.. |
सुशांत खुरसाले. |
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गझल |
गझल : रात्र सारी चांदण्याने दु:खः माझे पाहिले - पु नः संपादित |
खलिश |
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गझल |
व्यर्थ |
आभाळ |
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गझल |
तुकारामा उगा तू काढली पाण्यातुनी गाथा |
ह बा |
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गझल |
फुलासारखी... |
ज्ञानेश. |
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गझल |
स्वीकार आशयाची |
भूषण कटककर |
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गझल |
जगणे असते... (अजब) |
अजब |
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गझल |
तिथे ये पहाटे... |
ह बा |
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गझल |
...नसे गेले |
मधुघट |
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गझल |
वार कुणावर... |
अजब |
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गझल |
का....?(गझल) |
mamata.riyaj@gm... |
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गझल |
र॑ग अपुले मिसळले नाही..... |
वैभव देशमुख |
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गझल |
गंधीत रात आहे |
बेफिकीर |
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गझल |
पोरी.... |
अमित वाघ |
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गझल |
पत्रे |
केदार पाटणकर |
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गझल |
आभास |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मी मोजत असते रात्री |
सोनाली जोशी |
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गझल |
पांढरा किडा |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
असंभव |
आनंदयात्री |
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गझल |
चंद्र झालो मी कुणाचा अन किती डागाळलो मी.. |
सोनाली जोशी |
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गझल |
कधी वाटते मी भिडावे जगाशी |
कैलास |
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गझल |
..शह.. |
योगेश जोशी |
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गझल |
वारे जरासे गातील काही.. |
अजय अनंत जोशी |