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गझल |
ठुमरी |
पुलस्ति |
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गझल |
...काय करू मी ? |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
आवरण |
ज्ञानेश. |
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गझल |
... या नभी अंधारवेना |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
बुरखा |
विसुनाना |
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गझल |
खेळणे |
बेफिकीर |
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गझल |
चंद्र झालो मी कुणाचा अन किती डागाळलो मी.. |
सोनाली जोशी |
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गझल |
कशाला ? |
संतोष कुलकर्णी |
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गझल |
पुन्हा सत्य स्वप्नांस तुडवून गेले |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
फुलासारखी... |
ज्ञानेश. |
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गझल |
चांदण्या लेऊन झाला... |
ह बा |
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गझल |
बोचरे वारे |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
अंगार चित्तवेधी |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
सांग कोठे माणसा आहेस तू |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
वाटे कधी कधी |
कैलास |
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गझल |
... किती लाचार व्हावे ? |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
...शून्य माझी कलमकारी !! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
केवढे चालणे हे मजल दरमजल..... |
बेफिकीर |
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गझल |
...लुप्त |
ज्ञानेश. |
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गझल |
.. तूही प्रसन्न हास ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
कोणी |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
निराधार |
सोनाली जोशी |
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गझल |
धीट माझी प्रीत होती |
सोनाली जोशी |
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गझल |
...काळजी नको ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
कधी कधी |
केदार पाटणकर |