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गझल |
अबोली !!! |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
...जन्म चकव्यासारखा ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
कुठे म्हणालो परी असावी |
प्रणव सदाशिव काळे |
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गझल |
जपलेली हळहळ |
ह बा |
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गझल |
हा जुगार |
केदार पाटणकर |
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गझल |
ध्यास मला (काही शेर...) |
संतोष कुलकर्णी |
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गझल |
धुमसतो अद्याप माझ्या आत कोणी |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मनात माझ्या कुठून येते बरेच काही? |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
पाहिजे ते.. |
केदार पाटणकर |
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गझल |
बोलणे माझे ... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
सूर्य माझ्या मागुनी येणार होता |
कैलास गांधी |
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गझल |
रात्र पुन्हा परीकथा रंगवेल |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
मला वेळ नाही |
अलखनिरंजन |
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गझल |
फुलांचा रस्ता.... |
वैभव देशमुख |
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गझलचर्चा |
आह को चहिये एक उम्र असर होने तक - अर्थ हवा आहे |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
तू भेटली नव्हतीस तोवर |
मिल्या |
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गझल |
''चेहरा'' |
कैलास |
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गझल |
खुशाली |
क्रान्ति |
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गझल |
....सारे मला मिळाले !!! (गझल). |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
आता माझी एक ओळही मलाच भावत नाही |
भूषण कटककर |
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गझल |
जे जसे आहे तसे स्वीकारतो मी शेवटी... |
बेफिकीर |
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गझल |
आता |
मिल्या |
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गझल |
किती सोपे मला हे प्रेम करणे वाटले होते... |
बहर |
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गझल |
..उशीर |
ज्ञानेश. |
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गझल |
संपत नाही |
केदार पाटणकर |