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गझल |
करा साजरे वनवास काही .... |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
गंधीत रात आहे |
बेफिकीर |
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गझल |
जरी वाटेल माझे बोलणे |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
शब्द होते, तरी.. |
ज्ञानेश. |
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गझल |
मुंबई - इलाही जमादार |
मीर क्षीरसागर |
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गझल |
जन्मभर तुडवीन मी ... |
वैभव देशमुख |
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गझल |
अभ्यास |
आभाळ |
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गझल |
देवास ज्ञात आहे (अल्लाह जानता है) |
कुमार जावडेकर |
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गझल |
आसवे आता न केवळ गाळती माझे नयन |
कैलास |
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पृष्ठ |
मला वाचवा: घनःश्याम धेंडे |
निनावी (not verified) |
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गझल |
मरण्यात अर्थ नाही |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
हे तेच ते दिनरात.. |
केदार पाटणकर |
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गझल |
जाहिरात - अभिषेक उदावंत |
अभिषेक उदावंत |
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गझल |
ते पाखरू दिवाणे |
जयन्ता५२ |
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गझल |
तुझे स्वच्छ हासू झळाळी उन्हाची... |
वैभव देशमुख |
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गझलचर्चा |
काफियाचा प्रश्न |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
दु:ख सुद्धा माणसे पाहून येते |
मिल्या |
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गझल |
सोडले तेंव्हा तुला... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
गप्प नसती लोक काही नेमके पाहूनही |
सोनाली जोशी |
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गझल |
...पुढे मी गेलो ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
पादुका |
मिल्या |
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गझल |
बांधुन मी... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
तू दिलेल्या वेदना |
जयश्री अंबासकर |
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गझल |
हे शहर माझी व्यथा सांभाळते |
प्रसन्न शेंबेकर |
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गझल |
मनाला |
क्रान्ति |