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मला माणसांत रस आहे |
निनावी (not verified) |
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शेवटी महत्वाचे |
निनावी (not verified) |
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बातचीत भटांशी |
निनावी (not verified) |
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आपुलिया बळें... . |
निनावी (not verified) |
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देवनागरीत असे लिहावे! |
निनावी (not verified) |
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मराठी गझल धोक्याच्या वळणावर |
निनावी (not verified) |
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सुरेश भटांच्या त्या दोन ओळी... |
अजय अनंत जोशी |
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चांदण्याची तोरणे(पुस्तक परिचय) |
केदार पाटणकर |
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खरे तर दार वा-याने... |
केदार पाटणकर |
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रंजकी जब... |
केदार पाटणकर |
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आपले रडणे....एक रसग्रहण |
केदार पाटणकर |
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एका उन्हाची कैफियत...ऐकण्यासारखी |
केदार पाटणकर |
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ज्योत छोटीशी जरी.. रसग्रहण |
केदार पाटणकर |
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'..तयार झालो!' एका अनामिक... |
ज्ञानेश. |
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भटसाहेबांच्या सहवासात... |
प्रदीप कुलकर्णी |
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भटसाहेबांच्या सहवासात... |
प्रदीप कुलकर्णी |
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दोन विडिओ |
प्रमोद हरदास |
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गझलचे दुसरे अंग |
प्रसन्न शेंबेकर |
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प्रकाशित करण्याची गझल रसिकासाठी असावी... |
बेफिकीर |
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गालिब बेनकाब |
बेफिकीर |
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गझल तिहाई - वृत्तांत |
बेफिकीर |
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भाषा - एक कपाट |
भूषण कटककर |
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शेरो-शायरी: दर्द मिन्नतकश-ए-दवा न हुआ |
मानस६ |
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शे(अ)रो-शायरी, भाग-९ : टूटी है मेरी... |
मानस६ |
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शे(अ)रो शायरी, भाग-६ : तफरीह का सामान... |
मानस६ |