नवे गझललेखन

शीर्षक कवीsort descending प्रकाशनाची तारीख
माझी आई ह बा 7 May 2010
ती काळजीत असते... ह बा 29 June 2010
फुलपाखरे ह बा 6 May 2010
पाखरे खाऊन गेली चाळलेल्या वेदना ह बा 22 May 2010
बहरता बहरता..... ह बा 29 September 2010
सहज फिराया आलेला सासरला श्रावण. ह बा 9 June 2010
इतकी सुंदर ढाल? ह बा 23 July 2010
नाचली काळीज ते पेलीत काही माणसे ह बा 20 May 2010
तिथे ये पहाटे... ह बा 10 August 2010
हरवलाच रुखवती उखाण्याचा गोडवा ह बा 26 May 2010
अपघात काय घडला? ह बा 22 June 2010
भेटाया आल्या गझला, त्याच्या नंतर. ह बा 1 June 2010
चांदण्या लेऊन झाला... ह बा 17 July 2010
गरीबाला कुठे सांगा कुणाला टाळणे येते? ह बा 7 June 2010
जाणिवा विसरून गेलो ..... ह बा 10 July 2010
माझ्या मनासी कळेना हरीश दांगट 20 July 2009
जाळशील का तू? ह्रषिकेश चुरी 6 January 2009
कुणी इथे ह्रषिकेश चुरी 22 August 2008
तुझ्यास्तव..... ह्रषिकेश चुरी 21 August 2008
...कुठे बेत आहे? ह्रषिकेश चुरी 13 September 2008
जरासा त्रास होतो ह्रषिकेश चुरी 19 September 2010
सखे ठोठावते आहेस कुठले दार देहाचे? ॐकार 16 February 2009
करारनामे ॐकार 20 April 2007
तगमग ॐकार 16 May 2008
शब्दांत प्राण आले ॐकार 17 April 2007

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